आज हम बीयर के बारे में जानेंगे, बियर का इतिहास इजिप्त से शुरू होता है, पहिली बियर इजिप्त में बनाई गई थी ,बीयर का उपयोग दवाई की तौर पर इस्तमाल किया जाता था , आज बीयर हर एक देश में बनाई जाती है. बीयर एक बहुत ही कम नशे वाला पेय है , इसमें कम मात्रा में नशा होती है।इसमें 5% alcohole होता है , मतलब एक बियर के बोतल में 5% अल्कोहल और 95% पानी होता है ।बियर को बनाने के लिए मुख्य चार तरह के पदार्थ का उपयोग किया जाता है , पहिया यिस्ट दूसरा अंकुरित बर्ली तीसरा हॉप्स और चौथा पानी यह बीयर के ४ मुख्य पदार्थ है. बीयर बनाने के लिए पानी बहुत ही महत्पूर्ण भुमिका निभता है। जो भी बीयर बनाता है वह पानी को ध्यान से और कई उपकर्ण से जांच करता है की इसमें कितने प्रकारके मिनरल है ।बियर बनने के लिये 6 प्रकर के मिनेरल पनि मे होन जरुरि है। 1Bicarbonate,2.Sodium,3.Chloride, 4.Sulfate,5.Magnesium and 6.Calcium , बीयर के मुख्य दो प्रकार होते है एक लागर और एक येल, लगर बीयर ठंडी प्रक्रिया में बनाई जाती है और उसमे जो यिस्ट का उपयोग किया जाता है उसे(saccharomyces uvarum ) इस प्रक्रिया को bottom fermentetion कहते हैं।और येल बीयर गरम प्रक्रिया में बनाई जाती है , येल बीयर बहुत ही डार्क कलर की होती है जो रोस्टेड बरली से बनाई जाती है, और इस बीयर को गरम प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है,इसी वजह से वह बहुत ही डार्क नजर आती है. इस बीयर को बनाने के लिए जो यिस्ट का उपयोग किया जाता है वह है(saccharomyces carevisine ) इस प्रक्रिया को top fermentetion कहते है।हॉप्स होता है जो अंकुरित फूल की तरह होता है यह हॉप्स बीयर को टेस्ट देता है ज्यादा हॉप्स डालने से बीयर कड़वी हाेती है. बीयर को बनाने के लिए और एक पांचवा पदार्थ भी डालते है जिसे हम addjunck कहते है और ओ है चावल , corn कोरिएंडर ऐसे बहुत कुछ डाल सकते है , जिसके कारण बीयर को बहुत ही अच्छा स्वाद आता है।.
।।धन्यवाद।।