आज हम ऑरगॅनिक फूड के बारे मे विस्तार मे जायेंगे ऑरगॅनिक फूड का मतलब कार्बोनिक खाद्य ऑरगॅनिक खेती करने के लिए पहिली तो हमे ऐसे जमीन की जरूरत होती है जो पुरी तरह से नैसर्गिक प्रदूषण से और केमिकल से दूरऔर मुक्त होनी चाहिये। और उस खेती के लिए जो भी पाणी का हम प्रयोग (युज) .करेंगे वे पानी पूरी तरह से केमिकल मुक्त होना चाहिये ऊस पाणी मे किसी भी प्रकार का केमिकल या फिर कोई मिश्रण नही होना चाहिये चाहे फिर हो तलाब का पानी हो, कुवे का पानी हो, या फिर नदी का पानी हो, उसके बाद हम जो भी खेती करेंगे उसके लिए जो खात होती है वो पूरी तरह से ऑरगॅनिक होनी चाहिये जैसे की जैविक खात, गांडूळ खात, गोबरखात, इनका प्रयोग ही खेती के लिए होना चाहिये और इस खेती को लगने वाला समय पूरा देना चाहिए किसी भी प्रकार काय इंजेक्शन या फिर कोई अन्य केमिकल्स खेती की फसल बढाने के लिए इनका प्रयोग (वापर) नही करना चाहिए। इस प्रकार की खेती को ऑरगॅनिक खेती कहा जाता है। या खेती गव्हर्नमेंट के निग्रहाने मे की जाती है उनकी जॉर्ज पडताल के बाद ही हम बजार मे फल फ्रुट सब्जीया बेच सकते है। इस प्रकार के खेती का भोजन खाने से हमारी सेहत बहुत अच्छी रहती है और हमारे शरीर को मिनरल्स और प्रोटीन्स की जरुरत होती है न्यूट्रिशन की जरूरत है वो पुरी तरह से मिल जाती है। शरीर की पाचन शक्ति ठीक से काम करती है और हमारा शरीर काही तरह के रोगो से मुक्त रहता है।
!!धन्यवाद!!
