आज हम भौतिक और रासायनिक फूड विज्ञान (molecular gastronomy) के बारे मे विस्तार मे जानेगे. इसका मतलब है फुड सायन्स। फूड को बनाने के लिए भौतिक और रासायनिक केमिकल ट्रान्सफॉर्मेशनके जरीये इसे बनाया जाता है। इसकी सुरुवात १९८८ निकोलस कुर्ती, अँड हार्वे इन्होने की , (Nicholas kurti and herve in 1988) । इन्होने फूड विज्ञान कुछ बदलाव किये। इन्होने भौतिक और रासायनिक फूड विज्ञान मे, कुछ जाज पडताल कर के बदलाव कीये। फूड के न्यूट्रिशन और मिनरल्स इन सब को द्यन मे रखते हुए । फूड इंडस्ट्री मे बदलाव लाये । जैसे की उदाहरण के तोर पे जो हम सुप(soup) पिते है उसका उन्होने जेली(jelly) मी परिवर्तन कर दिया, अंडे की जैसा दिखने वाला मिटा (sweet) बना दिया व्हेजीटेबल से पास्ता बना दिया ऐसे बहुत सारे अविष्कार उन्होने कीये उसी को हम भौतिक और रासायनिक फूड विज्ञान(molecular gastronomy ) कहते है।
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