सत्विक भोजन स्वस्त के लिये क्या अच्छा है
आज हम पुरे विस्तर मे सत्विक भोजन के बरे मे जानेगे।
सत्विक भोजन हमरे शरिर के लिये बहुत हि लभ दयक है। इसका सेवन 5000 सलोसे भि अधिक समय से हो रह है।
सत्विक भोजन के बरे मे हम विस्तर मे कहे तो , ये जो अन्न है ये पुरने समय मे जो (ऋशि , मुनि ,साधु , सन्त ) जो भगवन कि अरधना , तप्च्यर्य , योग , करने वले इस भोजन का सेवन करते है। क्युकि उन्हे शरीरिक काम करने के लिये उर्जा कि अवश्क्ता नहि होति है। जो वो भोजन करते थे , जैसे ( जमिन के निचे से,कन्दमुल। पेड के उपर से,फ़ल, सब्जिया) बिना पकया हुवा , इस प्रकर के वे शकहरि भोजन करते थे । दिन मे एक हि समय को वे भोजन करते थे , सुर्यस्त से पहेले ।
इस प्रकर के भोजन करने से शरिर का स्वस्त अछा रहत है .
ऐसे व्यक्ति मे ,अधिक अछाई कि गुणवत्ता , सद्भाव , पवित्रता, सकरात्मकता, रचनात्मकता , शन्त स्वभव , ऐसे गुणो से परिपुर्ण रहते है। उनमे मनसिक शक्ति अधिक रहति है। वे बहुत हि दयालु और मोन रहते है। वे आत्म स्ंयम होते है।
धन्यवाद ।

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