क्या तमसिक भोजन शरिर के लिये अछा है।
आज हम तामसीक भोजन के बारे मे विस्तार से जानेगे .
कोन से प्रकार के भोजन (अन्न) तामसीक भोजन मे आ ते है और उसके शरीर पर होने वाले परिणाम को हम विस्तार से जानेंगे
मास, मच्छलि , शराब, (टोब्यको) तंबाखु ,दारू सीगरेट , बासी खाना ये सब तामसीक भोजन में आते हैं।
दोस्तों खाने को हम परब्रह्म कहते हैं। पर जो अभी बनाया और अभी खाया, उसी खाने को हम परब्रह्म कहते हैं। काफी देर समय के बाद पकाया हुआ खाना नहीं खाना चाहिए, क्योंकि कूछ समय के बाद वह खाना सड़ने लगता है। ऐसे खाने को तामसिक भोजन कहते हैं। ऐसे खाने और शराब पिने से शरीर का स्वभाव में बदलाव आने लगते हैं।
शरीर बहुत सारी बीमारीयोसे ग्रस्त होने लगता है,
उनमें कुछ इस प्रकार के दोष पाये जाते हैं
बहुत सारे वीकार, असंतुलन, अव्यवस्था,चींतीत रहते हैं, नकारात्मकता, निष्क्रियता, सुस्त, अज्ञानी, बदलें की भावना रखते हैं, यह मेहनती भी होते हैं।
। । धन्यवाद।।

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